आइये जाने पब्लिक प्रोविडेंट फंड से जुडी कुछ जरूरी बाते। …
पब्लिक प्रोविडेंट फंड 14 साल में मैच्योर हो जाता है लेकिन ये जरूरी नहीं की आप उसे बंद करे दें. उसे आप जारी रख सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस को अकाउंट एक्सटेंशन की सूचना देनी होगी.
पब्लिक प्रोवडेंट अकाउंट बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस में खोला जाता है और इसकी अवधि 15 साल होती लेकिन आप इसे अगले पांच साल के ब्लाक में एक्सटेंड भी कर सकते हैं.
एक ऑप्शन तो ये है कि आप मैच्योरिटी पर सारी रकम ब्याज के साथ निकाल लें लेकिन अगर आप को इस वक्त पीपीएफ के पैसे की जरूरत नहीं तो आप रिटायरमेंट या फिर सही समय पर निकाल सकते हैं.
अगर आप अपने पीपीएफ अकाउंट को आगे बढ़ाते हैं तो इसका सीधा असर आपकी जमा रकम के ब्याज पर पड़ेगा. जितना समय ज्यादा होगा उतना ही ब्याज ज्यादा मिलेगा और आपकी रकम बढ़ेगी.
एक्सटेंशन में एक सुविधा ये भी है कि ये आप की मर्जी पर डिपेंड करता है कि एक्सटेंशन कंट्रीब्यूशन के साथ जारी रखते हैं या फिर बिना कंट्रीब्यूशन के. लेकिन आपको अपने खाते वाले संस्थान यानी बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस को इसकी जानकारी देनी होगी.
अगर आप एस्कटेंशन एक साल के आंदर नहीं करते हैं तो आप फिर नया कंट्रीब्यूशन नहीं दे सकते. फिर आपके बैलेंस के हिसाब से ही आपको ब्याज मिलेगा जब तक आप रकम निकाल नहीं लेते. आप एक वित्तीय वर्ष में आप कुछ पैसा निकाल भी सकते हैं.
अगर आप कंट्रीब्यूशन जारी रखते हैं तो आपको इसके लिए फॉर्म H भरना होगा और ये अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर आप अनियमित माने जाएंगे और आपके नए कंट्रीब्यूशऩ पर ब्याज नहीं मिलेगा
साथ ही आपको 80C के तहत टैक्स डिडक्शन भी नहीं मिलेगा. अगर कोई खाता धारक नए कंट्रीब्यूशन नियमानुसार करता है तो वो हर पांच साल के ब्लाक के पहले साल में अपने अकाउंट बैलेंस का 60% तक निकासी कर सकता है.