यूरोप में कोरोना की बढ़ती संख्या को लेकर डब्ल्यूएचओ ने जताई हैरानी
यूरोप में कोरोना महामारी से पीड़ितों की बढ़ती संख्या को लेकर डब्ल्यूएचओ ने हैरानी जताई है. साथ ही यूरोपीय सरकारों को चेताया है कि वो किसी तरह की ढिलाई न बरते. हालांकि इस बीच इंग्लैंड की सरकार ने देश के उत्तरी पूर्वी हिस्से में आंशिक प्रतिबंधों का ऐलान किया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की यूरोपीय शाखा के प्रमुख हैंस क्लूज ने यूरोपीय सरकारों को क्वारंटीन पीरियड कम करने पर चेताया है. फ्रांस में सिर्फ 7 दिनों का क्वारंटीन पीरियड है, तो ब्रिटेन और आयरलैंड में महज 10 दिनों का. जबकि डब्ल्यूएचओ ने 14 दिनों का क्वारंटीन पीरियड तय कर रखा है. लेकिन यूरोपीय देशों द्वारा अलग अलग गाइडलाइन्स अपनाने से कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे है.
पूरे यूरोप में मौजूदा समय में हर रोज 40,000 से 50,000 के बीच नए मामले सामने आ रहे हैं. ये संख्या उस आंकड़े से कतई कम नहीं है, जब कोरोना अप्रैल माह में पीक पर था और हर रोज औसतन 43,000 केस सामने आ रहे थे. इसके बावजूद यूरोपीय देशों की सरकारों ने अलग अलग नियम बना रखे हैं.
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि हमने क्वारंटीन को लेकर नियम डॉक्टरों, वैज्ञानिकों की सलाह पर बनाए हैं. चूंकि वायरस का एक्यूबेशन पीरियड 14 दिनों तक का है, ऐसे में सिर्फ 7 दिनों के क्वारंटीन से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि संक्रमित व्यक्ति कहीं ज्यादा तेजी से वायरस के फैलने में सहयोगी बन जाता है. क्योंकि उसे संक्रमण का पता बाद में चलता था, लेकिन वो 7 दिन के क्वारंटीन के बाद लोगों के बीच घुलने मिलने लगता है. अगर यही स्थिति रही तो हालात भयावह होने से कोई नहीं रोक सकेगा.
ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी मैट हैंकॉक ने गुरुवार से उत्तरी इंग्लैंड में नए तरह के प्रतिबंधों की घोषणा की है. उन्होंने उत्तरी पूर्वी इलाकों में भी शुक्रवार से नए प्रतिबंधों के लागू होने की जानकारी दी. जिसमें नाइट क्लब, रेस्टोरेंट, बार जैसी जगहों को रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक हर हाल में बंद करना होगा. और इन सभी जगहों पर कोरोना से संबंधित गाइडलाइन्स का भी पालन करना होगा. वहीं, आम लोगों को बाहर निकलने से रोक दिया गया है. आम लोग सिर्फ रेस्टोरेंट या बार जाने के लिए ही निकल सकते हैं.