हिन्दू पंचांग के अनुसार जानें कब है हरियाली तीज क्या है इसका महत्व ?

हिन्दू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है. श्रावण मास में पड़ने के कारण, इसे श्रावणी तीज भी कहते है.
वहीं अंग्रेजी कैलेंडर में हरियाली तीज जुलाई या अगस्त के महीने में आती है. ये पर्व मुख्यत: महिलाओं के लिए विशेष महत्वपूर्ण पर्व होता है. इस पर्व पर सावन के महीने में जब प्राकृति अपने ऊपर हरियाली की चादर चढ़ा लेती हैं,
तो इस मनोरम क्षण का आनंद लेने के लिए महिलाएं लोक गीत जाती हैं, झूले झूलती हैं, मेहंदी लगाती हैं और एक साथ मिलकर इस उत्सव को धूमधाम से मनाती हैं. धार्मिक महत्व के अनुसार इस पर्व को भगवान शिव और मां पार्वती से जोड़कर देखा जाता है
और यही मुख्य कारण है कि हरियाली तीज के अवसर पर देशभर में कई जगह भव्य मेले लगते हैं और मां पार्वती और भगवान शिव की सवारी धूमधाम से निकाली जाती है. हालांकि पिछले साल की तरह ही, इस साल भी ये पर्व कोरोना संक्रमण के कारण सूक्ष्म रूप से मनाया जाएगा.
सुहागन स्त्रियों के लिए हरियाली तीज का महत्व विशेष होता है, क्योंकि माना जाता है कि सौंदर्य और प्रेम का यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाए जाने का विधान है.
सनातन धर्म में हरियाली तीज के दिन जहां सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए विधि-विधान अनुसार व्रत रखती हैं. तो वहीं अविवाहित महिलाएं भी इस दिन भगवान शिव के समान वर की कामना के लिए व्रत और पूजा करती हैं.
हर साल यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. ऐसे में वर्ष 2021 में यह तिथि 10 अगस्त (मंगलवार) को शाम 06 बजकर 08 मिनट से आरंभ होगी
और अगले दिन 11 अगस्त (बुधवार) को शाम 04 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी. 10 अगस्त को ये तिथि संध्याकाल के बाद आरंभ हो रही है, इसलिए इस पर्व को अगले दिन यानी 11 अगस्त को मनाया जाएगा और इसी दिन हरियाली तीज का व्रत व पूजन भी किया जाएगा.
हरियाली तीज पूजा मुहूर्त
10 अगस्त 2021 को शाम 18:08:11 बजे से तृतीया आरम्भ
11 अगस्त 2021 को शाम 16:56:07 बजे पर तृतीया समाप्त
हरियाली तीज व्रत रखने की तारीख
11 अगस्त 2021 (बुधवार)
इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव और पार्वती के आशीर्वाद प्राप्ति हेतु पूजा-अर्चना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से जहां विवाहित महिलाओं के पति को लंबी आयु मिलती है,
तो वहीं अविवाहित महिलाओं को इस व्रत से इच्छानुसार वर की प्राप्ति होती है. ऐसे में विधि-विधान अनुसार इस व्रत को रखकर आप भी मां पार्वती और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
वर्ष 2021 में हरियाली तीज का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इसी तिथि पर भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों के देवता शुक्र भी अपना राशि परिवर्तन करते हुए, अपने शत्रु ग्रह सूर्य की राशि सिंह से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि कन्या में विराजमान हो जाएंगे.
ऐसे में सुहागिन महिलाओं और मनचाहे वर की इच्छा रखने वाली कन्याओं के लिए इस वर्ष ये व्रत करना, बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध होगा. ऐसे में हमारे वरिष्ठ ज्योतिषी की मानें तो, यदि इस दिन महिलाएं हरियाली तीज का व्रत रखती हैं
और अपनी राशि अनुसार भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं तो, उन्हें निश्चित रूप से ही भगवान का आशीर्वाद तो प्राप्त होगा ही, साथ ही उनके जीवन में शुक्र देव की कृपा से सुख-समृद्धि भी आएगी.