एक्शन में भारत सरकार : चीनी सामान को पूरी तरह से रोकने के लिए बनाया नया प्लान
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देश भर में चीनी समान के खिलाफ प्रदर्शन होने के साथ ही मोदी सरकार भी आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने और चीनी प्रोडक्ट के इम्पोर्ट पर रोक लगाने के लिए कई रणनीति तैयार कर रही है.
मोदी सरकार ने चीनी निवेश और चीनी सामान के आयात पर धीरे-धीरे शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इसके तहत अब सरकार चीन से आयात किए जाने वाले कई रोजमर्रा के सामानों पर भारी भरकम टैक्स लगाएगी.
जो अगले पांच साल के लिए लागू रहेंगे. इसके साथ सरकार ने चीन से आयात होने वाले प्रोडक्ट पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के लिए इन्हें दो कैटेगरी में बांटा है, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जितने भी सामान इंपोर्ट करते हैं उन्हें सरकार ने दो कैटेगरी में बांटा जाएगा. साथ ही, सरकार ने इन दोनों के लिए अलग-अलग रणनीति तैयार की है.
पहली कैटेगरी में कम कीमत, ज्यादा वाल्यूम वाले आइटम जैसे रोजमर्रा में उपयोग होने वाले सामान, किचन में उपयोग होने वाले प्रोडक्ट, स्टेशनरी आदि. ये वैसे आइटम हैं जो वैल्यू टर्म में काफी कम होते हैं
लेकिन वाल्युम टर्म में बहुत ज्यादा हैं. इन्हें ‘लो वैल्यू हाई वाल्यूम’ कहा जाता है. जिसके लिए सरकार ने पांच रणनीति तैयार की है जिस पर काम भी शुरू कर दिया गया है.
1. लग सकती है सस्ते इंपोर्ट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी, सेफगार्ड ड्यूटी
2. इम्पोर्ट होने वाले सामान की समय-समय पर होगी समीक्षा
3. काउंटर वेलिंग ड्यूटी भी लगा सकती है सरकार
4. इंपोर्ट पर टेक्नीकल स्टेंडर्ड शर्तें होंगी लागू
5. डोमेस्टिक प्रोडक्शन पर देगी इंसेंटिव
दूसरी कैटेगरी के सामान जो हाई वैल्यू और लो वाल्यूम के सामान हैं, उस पर सरकार ने तय किया इस पर तुरंत कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा.
लॉन्ग टर्म पॉलिसी के तहत पहले इसका प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा उसके बाद धीरे-धीरे उसी अनुपात में उस पर रोक लगाएगी.