सीएम शिवराज के निर्देश 15 दिन में तैयार होगा एमपी को आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप
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कोरोना संकट के दौर में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अमल के लिए प्रदेश की शिवराज सरकार ने भी तैयारी तेज कर दी है.
प्रदेश में आत्मनिर्भर योजना का खाका तैयार करने के लिए सरकार ने 4 सीनियर आईएएस अफसर को जिम्मेदारी सौंपी है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अफसरों को 15 अगस्त तक रोडमेप तैयार करने को कहा है.
सुशासन, अर्थव्यवस्था, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किस तरीके से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाए, इसका रोडमैप तैयार किया जाएगा.
जिन अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है वे जनप्रतिनिधि, प्राइवेट सेक्टर और विषय विशेषज्ञों के साथ मंथन कर सुझाव लेंगे. इसके बाद रोडमैप तैयार किया जाएगा.
सरकार ने जिन चार सीनियर आईएएस अफसर को जिम्मेदारी सौंपी है, उनमें मोहम्मद सुलेमान को स्वास्थ्य और शिक्षा, राजेश राजौरा को अर्थव्यवस्था रोजगार, आईसीपी केसरी को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और एसएन मिश्रा को सुशासन पर आत्मनिर्भर का रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है.
शिवराज सरकार आत्मनिर्भर रोडमैप के जरिए मध्य प्रदेश के हर जिले को उसकी अलग पहचान देने की कोशिश करना चाहती है. प्रदेश में केला उत्पादन के लिए बुरहानपुर,
चंदेरी साड़ी के लिए अशोकनगर, संगमरमर के लिए जबलपुर, लकड़ी के खिलौनों के लिए होशंगाबाद मशहूर हैं. इसी तरीके से हर जिले की अपनी एक अलग पहचान बना कर उसको आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने अफसरों के साथ-साथ मंत्रियों से भी आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश को लेकर सुझाव देने को कहा है. मंत्री आम लोगों के साथ चर्चा कर सुझाव लेेंगे और इन सुझावों के आधार पर सरकार आत्मनिर्भर योजना का प्लान तैयार करेगी.
प्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि हर मंत्री प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री को जल्दी अपने सुझाव देने का काम करेंगे.शिवराज सरकार के आत्मनिर्भर रोडमैप पर कांग्रेस में तंज कसा है.
कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि मध्य प्रदेश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में स्वर्णिम प्रदेश बन गया था, ऐसे में अब आत्मनिर्भर बनाने का ढोंग कर सिर्फ जनता को भ्रमित करने का काम किया जा रहा है.
आपको बता दें कि COVID-19 संक्रमण के बीच अर्थव्यवस्था को सुधारने के साथ ही राज्यों को अपने बूते पर खड़े होने के लिए PM मोदी ने आत्मनिर्भर योजना का ऐलान किया था. इसके तहत 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान भी किया गया है.