एकादशी व्रत का विशेष महत्व जाने क्या है विशेष संयोग
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पंचांग के अनुसार 9 मार्च मंगलवार को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. मंगलवार के दिन एकादशी की तिथि पड़ने से इस दिन का महत्व बड़ जाता है. मंगलवार का दिन जहां हनुमान जी को समर्पित है, वहीं एकादशी की तिथि में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं.
एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. एकादशी का व्रत कठिन व्रतों में से एक माना गया है. मंगलवार को विजया एकादशी है. ऐसा माना जाता है यह एकादशी सभी प्रकार के संकटों से उभारती है और विजय प्राप्त होती है इसीलिए इस एकादशी का विजया एकादशी कहा जाता है.
हनुमान जी को भी संकट मोचक कहा गया है. मंगलवार के दिन भगवान विष्णु और हनुमान जी की पूजा का विशेष संयोग है. यह दिन उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके जीवन में कोई संकट बना हुआ है. इस दिन प्रात: काल सूर्योदय से पूर्व स्नान करने के बाद पूजा आरंभ करनी चाहिए. विधि पूर्वक पूजा और व्रत की प्रक्रिया को पूर्ण करना चाहिए.
एकादशी तिथि होने के कारण इस मंगलवार का धार्मिक महत्व बढ़ जाता है. भगवान विष्णु और हनुमान जी को स्वच्छता और नियम अधिक प्रिय है. इसलिए इस दिन तन और मन दोनों को स्वच्छ रखने का प्रयास करना चाहिए.
गलत विचारों से दूर रहना चाहिए. इसके साथ ही क्रोध आदि का त्याग करना चाहिए. इस दिन भगवान का स्मरण और उपासना करनी चाहिए. तभी पूर्ण लाभ प्राप्त होता है.
शनिदेव के अशुभ प्रभावों को कम करने में हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है. वहीं भगवान विष्णु की पूजा से भी नवग्रह की शांति होती है.
मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमान जी का विशेष आर्शीवाद प्राप्त होता है. इसके साथ ही सुंदरकांड का पाठ भी अच्छा माना गया है.
– शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसद्श्र्यं मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मी कान्तं कमल नयनम योगिभिध्र्यान नग्म्य्म।
– ॐ नमो: नारायणाय. ॐ नमो: भगवते वासुदेवाय।